फैमिली आईडी-एक परिवार एक पहचान योजना के तहत बनवाएं फैमिली आईडी
1 min readफैमिली आईडी-एक परिवार एक पहचान योजना के तहत बनवाएं फैमिली आईडी
प्रदेश भर में 73,217 नवीन लाभार्थियों के सापेक्ष 23,454 ऐसे लाभार्थियों को किया गया लाभान्वित
फैमिली आईडी बनवाकर छायाप्रति उपलब्ध कराएं, अन्यथा पेंषन से होंगे वंचित
अलीगढ 07 मार्च 2024 (सूवि): जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी रोहित कुमार ने बताया कि प्रदेश में संचालित लाभार्थीपरक योजनाओं के बेहतर प्रबन्धन, समयबद्ध लक्ष्यीकरण, पारदर्शी संचालन, योजनाओं में शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों का आच्छादन एवं जनसामान्य के लिए सरकारी सुविधाओं का सरलीकरण करने के उद्देश्य से फैमिली आई०डी०-एक परिवार एक पहचान योजना, संचालित की जा रही है। इस योजना के अन्तर्गत प्रदेश में अध्यासित समस्त परिवारों की एक विशिष्ट पहचान हेतु फैमिली आईडी सृजित की जा रही है। नियोजन विभाग द्वारा की गयी समीक्षा में दिव्यांग पेंशन योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 में नवीन आवेदनों की मैपिंग के उपरान्त यह उभरकर आया है कि प्रदेश भर में 73,217 नवीन लाभार्थियों के सापेक्ष 23,454 ऐसे लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिनकी राशन कार्ड संख्या, फैमिली आई०डी० उपलब्ध नहीं है। दिव्यांग भरण-पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) तथा कुष्ठावस्था पेंशन योजनान्तर्गत समस्त नवीन आवेदनों में फैमिली आई०डी० की उपलब्धता सुनिश्चित किये जाने हेतु निर्देशित किया किया गया है।
उन्होंने बताया है कि दिव्यांग भरण पोषण अनुदान (दिव्यांग पेंशन) और कुष्ठावस्था पेंशन प्राप्त कर रहे पेंशनरों अथवा नवीन आवेदक जिनके द्वारा दिव्यांग पेशन हेतु नवीन आवेदन किया जा रहा है को सूचित किया जाता है कि जिन दिव्यांगजनों का राशन कार्ड, फैमिली आई०डी० कार्ड नहीं बना है, वे सभी दिव्यांगजन अपना एवं अपने परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड, एवं आधार कार्ड से लिंक रजिस्टर्ड मोबाइल नम्बर सहित ऑनलाइन वेबसाइट http//familyid.up.gov.in पर जनपद के किसी भी जनसेवा केन्द्र, लोकवाणी केन्द्र द्वारा ऑनलाइन राशन कार्डध्फैमिली आई०डी० बनवाने के उपरान्त उसकी छायाप्रति किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी कक्ष संख्या जी-08 में उपस्थित होकर अपनी पेंशन में राशन कार्ड, फैमिली आई०डी० लगवाना सुनिश्चित करें अन्यथा की स्थिति में भविष्य में पेंशन की धनराशि लखनऊ से रोक दी जायेगी।
